म्पुमालांगा के अवैध नशा मुक्ति केंद्र में करीब 200 लोग मिले, कुछ जंजीरों से बंधे थे
सियाबुस्वा में एक निरीक्षण में चर्च से चल रहे बिना पंजीकरण वाले केंद्र में दो बच्चों समेत करीब 200 लोग भीड़ भरे कमरों में रहते मिले, जिसके बाद पुलिस ने एक पादरी और उनकी पत्नी को गिरफ्तार किया।
मुख्य बिंदु
- दक्षिण अफ्रीका की पुलिस ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को एक पादरी और उनकी पत्नी को गिरफ्तार किया। अधिकारियों को म्पुमालांगा प्रांत के एक चर्च से चल रहे एक बिना पंजीकरण वाले नशा मुक्ति केंद्र में…
- यह केंद्र सियाबुस्वा कस्बे के वाटरवाल बी इलाके में एक चर्च में था। पुलिस ने 14 लोगों को इलाज के लिए भेजा, और कहा कि वह अपहरण और स्वास्थ्य व सुरक्षा से जुड़े अपराधों की जांच कर रही है।
- न्कांगाला जिले के सामाजिक विकास विभाग के अधिकारियों को यह केंद्र गुरुवार, 15 अक्टूबर को मिला, जब वे अवैध नशा मुक्ति केंद्रों के संदेह वाले स्थानों की जांच कर रहे थे। उन्होंने उस स्थान पर पुलिस की…
दक्षिण अफ्रीका की पुलिस ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को एक पादरी और उनकी पत्नी को गिरफ्तार किया। अधिकारियों को म्पुमालांगा प्रांत के एक चर्च से चल रहे एक बिना पंजीकरण वाले नशा मुक्ति केंद्र में करीब 200 लोग रहते हुए मिले थे। प्रांतीय सामाजिक विकास विभाग ने कहा कि कुछ लोगों के शरीर पर घाव थे, और कुछ को एक दूसरे से जंजीरों से बांधा गया था।
यह केंद्र सियाबुस्वा कस्बे के वाटरवाल बी इलाके में एक चर्च में था। पुलिस ने 14 लोगों को इलाज के लिए भेजा, और कहा कि वह अपहरण और स्वास्थ्य व सुरक्षा से जुड़े अपराधों की जांच कर रही है।
निरीक्षकों को क्या मिला
न्कांगाला जिले के सामाजिक विकास विभाग के अधिकारियों को यह केंद्र गुरुवार, 15 अक्टूबर को मिला, जब वे अवैध नशा मुक्ति केंद्रों के संदेह वाले स्थानों की जांच कर रहे थे। उन्होंने उस स्थान पर पुलिस की मदद मांगी।
विभाग ने कहा कि पादरी और उनकी पत्नी ने पहले अधिकारियों को बताया था कि वे करीब 60 लोगों को रख रहे हैं। पूरी जांच में करीब 200 लोग मिले। उनमें 30 से अधिक महिलाएं थीं, बाकी पुरुष थे। 22 साल और उससे अधिक उम्र के वयस्क पुरुषों के साथ एक 11 साल का लड़का और एक 16 साल की लड़की भी वहां थे।
विभाग ने हालात को बेहद अमानवीय बताया। उसने कहा कि एक मामले में 37 लोग एक ही कमरे में रह रहे थे, कमरों में नहाने और शौचालय की ठीक सुविधा नहीं थी, और पानी के नल बंद थे। रॉयटर्स ने बताया कि स्थानीय मीडिया ने कहा था कि कुछ लोगों को जंजीरों से बांधा गया था और खाना नहीं दिया गया था, और पुलिस ने मिले लोगों की हालत पर उन खबरों की पुष्टि नहीं की।
विभाग ने कहा कि केंद्र में रहने वाले लोग हर महीने 3,000 रैंड का शुल्क देते थे। इसमें से हर व्यक्ति के 1,300 रैंड, खबरों के अनुसार, स्काउटर कहे जाने वाले लोगों के जरिए बने एक इंतजाम के तहत चर्च को दिए जाते थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार लोग रस्टनबर्ग, सोवेटो, स्प्रिंग्स, मामेलोडी और अन्य इलाकों से आए थे, और कुछ छह महीने से अधिक समय से केंद्र में थे।
गिरफ्तारी और आरोप
पुलिस ने शुक्रवार सुबह 59 साल के एक पुरुष और 58 साल की एक महिला को गिरफ्तार किया। पुलिस प्रवक्ता ब्रिगेडियर डोनाल्ड म्धुलुली ने कहा कि शुरुआती काम से पता चला कि दंपति बिना पंजीकरण के उस स्थान को नशा मुक्ति केंद्र के रूप में चला रहे थे।
दंपति पर अपहरण, बिना पंजीकरण वाला उपचार केंद्र चलाने और स्वास्थ्य व सुरक्षा नियमों का पालन न करने के आरोप हैं। म्धुलुली ने कहा कि आरोप मादक पदार्थ दुरुपयोग रोकथाम और उपचार कानून की धारा 19, पर्यावरण स्वास्थ्य नियमों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कानून से जुड़े हैं।
म्धुलुली ने कहा कि म्पुमालांगा पुलिस आयुक्त लेफ्टिनेंट जनरल अपाफिया मोडिसे के नेतृत्व में जासूसों और विशेष इकाइयों की एक टीम जांच के लिए बनाई गई है। पुलिस ने और गिरफ्तारियों से इनकार नहीं किया है, और कहा है कि और आरोप भी लग सकते हैं। दंपति को सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को सियाबुस्वा की म्दुत्जाना मजिस्ट्रेट अदालत में पेश होना है।
मिले लोगों की देखभाल
विभाग ने कहा कि उसने माता पिता और अभिभावकों से संपर्क करना शुरू कर दिया है, ताकि जहां संभव हो लोग अपने परिवारों से मिल सकें। वह लोगों को उनके घर वाले इलाकों की सामाजिक विकास सेवाओं के पास भेजने की भी योजना बना रहा है, ताकि उनकी देखभाल जारी रहे।
मोडिसे ने उस स्थान के लोगों को सुरक्षित रखने के काम के लिए सामाजिक विकास और पर्यावरण स्वास्थ्य अधिकारियों को धन्यवाद दिया, और गिरफ्तारी करने वाले पुलिस सदस्यों को भी धन्यवाद दिया।
दक्षिण अफ्रीका में एक बड़ी समस्या
बीबीसी ने बताया कि नशीली दवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ दक्षिण अफ्रीका में हाल के वर्षों में अवैध नशा मुक्ति केंद्रों की संख्या बढ़ी है। पिछले साल सामाजिक विकास विभाग ने कहा था कि उसे देश भर में 100 से अधिक अवैध सुविधाएं मिली थीं, जिनमें से अधिकांश गौतेंग प्रांत में थीं। विभाग ने कहा कि इस सप्ताह सियाबुस्वा में मिले कई लोग भी गौतेंग से और जोहान्सबर्ग व रस्टनबर्ग के पास की बस्तियों से आए थे।
टाइमलाइन
- Oct 15, 2026न्कांगाला जिले में अवैध नशा मुक्ति केंद्रों के संदेह वाले स्थानों की जांच कर रहे सामाजिक विकास अधिकारियों को सियाबुस्वा के वाटरवाल बी स्थित चर्च में करीब 200 लोग मिले, और उन्होंने पुलिस को बुलाया। उस रात 14 लोगों को इलाज के लिए भेजा गया।
- Oct 16, 2026पुलिस ने शुक्रवार सुबह 59 साल के एक पुरुष और 58 साल की एक महिला को गिरफ्तार किया। पुलिस ने कहा कि केंद्र पंजीकृत नहीं था, और दंपति पर अपहरण और स्वास्थ्य व सुरक्षा के आरोप हैं, अदालत की तारीख सियाबुस्वा में सोमवार तय हुई है।