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यूक्रेन का कहना है, भारी ड्रोन ने घायल सैनिक को मोर्चे से उड़ाकर निकाला, यह पहली बार हुआ

92वीं असॉल्ट ब्रिगेड ने कहा कि बारूदी सुरंगों और रूसी ड्रोन की वजह से जमीन से बचाव नामुमकिन था, इसलिए Gurzuf Defence के बदले हुए हेक्साकॉप्टर ने 30वीं ब्रिगेड के घायल पैदल सैनिक को सुरक्षित जगह पहुंचाया। BBC Verify ने कहा कि वीडियो में एआई हेरफेर के कोई निशान नहीं हैं।

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यूक्रेन का कहना है, भारी ड्रोन ने घायल सैनिक को मोर्चे से उड़ाकर निकाला, यह पहली बार हुआ

मुख्य बिंदु

  • अपडेट 01:28 UTC, 20 अक्टूबर 2026। विकसित होती खबर।
  • यूक्रेन की 92वीं सेपरेट असॉल्ट ब्रिगेड ने सोमवार, 19 अक्टूबर को कहा कि उसके विशेषज्ञों ने एक भारी ड्रोन से घायल सैनिक को मोर्चे की एक चौकी से उड़ाकर निकाला। ब्रिगेड ने इसे युद्ध के मैदान से किसी…
  • घायल व्यक्ति 30वीं सेपरेट मेकनाइज्ड ब्रिगेड का पैदल सैनिक है। वह एक ऐसी चौकी संभालते हुए घायल हुआ, जहां जमीनी टीमें नहीं पहुंच सकती थीं। ब्रिगेड ने कहा कि चौकी के आसपास की जमीन में बारूदी सुरंगें…

अपडेट 01:28 UTC, 20 अक्टूबर 2026। विकसित होती खबर।

यूक्रेन की 92वीं सेपरेट असॉल्ट ब्रिगेड ने सोमवार, 19 अक्टूबर को कहा कि उसके विशेषज्ञों ने एक भारी ड्रोन से घायल सैनिक को मोर्चे की एक चौकी से उड़ाकर निकाला। ब्रिगेड ने इसे युद्ध के मैदान से किसी घायल की दुनिया की पहली हवाई निकासी बताया।

घायल व्यक्ति 30वीं सेपरेट मेकनाइज्ड ब्रिगेड का पैदल सैनिक है। वह एक ऐसी चौकी संभालते हुए घायल हुआ, जहां जमीनी टीमें नहीं पहुंच सकती थीं। ब्रिगेड ने कहा कि चौकी के आसपास की जमीन में बारूदी सुरंगें थीं और ऊपर रूसी ड्रोन सक्रिय थे, इसलिए वे मानवरहित जमीनी वाहन भी वहां नहीं जा सके, जिनसे यूक्रेनी इकाइयां आमतौर पर घायलों को निकालती हैं।

92वीं ब्रिगेड की मानवरहित जमीनी प्रणाली कंपनी के विशेषज्ञों ने पड़ोसी इकाइयों और यूक्रेनी निर्माता Gurzuf Defence के साथ मिलकर काम किया। कंपनी ने इस काम के लिए एक भारी हेक्साकॉप्टर मुफ्त दिया। यूक्रेनी सेना की समाचार एजेंसी ArmyInform ने कहा कि Ayudag-6 को निर्माता के साथ मिलकर इस तरह बदला गया कि वह एक व्यक्ति को ले जा सके और उड़ान में स्थिर रहे, न पलटे और न ज्यादा डोले। मिशन से पहले टीम ने निर्माता के केंद्र में इसकी जांच की थी।

30वीं ब्रिगेड के एक ड्रोन चालक ने इस विमान को उड़ाया। ब्रिगेड के जारी वीडियो में ड्रोन जमीन पर उतरता दिखता है, लड़ाकू पोशाक में एक व्यक्ति उस पर लगी चरखी से खुद को बांधता है, और ड्रोन उसे कम ऊंचाई पर उठाकर ले जाता है। उसे एक सुरक्षित जगह पहुंचाया गया, जहां साथियों ने उसे लिया और अस्पताल भेजने की व्यवस्था की।

BBC Verify ने कहा कि उसने वीडियो में दिख रहे सेना के लोगों की पहचान की पुष्टि की है और एआई से बनाने या हेरफेर के कोई निशान नहीं मिले। इस उड़ान को दुनिया की पहली कहना ब्रिगेड का अपना दावा है और यह स्वतंत्र रूप से साबित नहीं हुआ है।

"ऑपरेशन सफल रहा। घायल व्यक्ति को बचा लिया गया। अब उसका इलाज और पुनर्वास चल रहा है, और उसकी जान खतरे में नहीं है," 92वीं ब्रिगेड की ड्रोन इकाई ने कहा।

Gurzuf Defence ने कहा कि वह व्यक्ति करीब डेढ़ साल तक एक खतरनाक लड़ाकू चौकी पर रहा था और आम तरीकों से उसे नहीं निकाला जा सकता था। कंपनी ने कहा, "उस तक पहुंचने की कोई भी कोशिश बचाव टीम के लिए जानलेवा खतरा होती।"

ArmyInform ने कहा कि इस ऑपरेशन में 92वीं सेपरेट असॉल्ट ब्रिगेड, 30वीं और 14वीं सेपरेट मेकनाइज्ड ब्रिगेड, 10वीं आर्मी कोर और Gurzuf Defence शामिल थे। ब्रिगेड ने यह नहीं बताया कि निकासी कब और कहां हुई।

यूक्रेन लंबे समय से उन जगहों पर घायल सैनिकों तक पहुंचने के लिए मानवरहित जमीनी वाहनों का इस्तेमाल करता रहा है, जहां डॉक्टरों और ड्राइवरों का जाना बहुत खतरनाक होता है। इसी काम के लिए हवाई ड्रोन के इस्तेमाल का यह पहला सामने आया मामला है। फरवरी 2022 में रूस के बड़े हमले से शुरू हुए युद्ध में दोनों पक्षों ने ड्रोन का भारी इस्तेमाल किया है।

टाइमलाइन

  1. Feb 2022रूस यूक्रेन पर अपना बड़ा हमला शुरू करता है। बाद में ड्रोन दोनों पक्षों की लड़ाई का केंद्र बन जाते हैं।
  2. Oct 19, 2026यूक्रेन की 92वीं सेपरेट असॉल्ट ब्रिगेड वीडियो जारी करती है और कहती है कि Gurzuf Defence के भारी हेक्साकॉप्टर ने 30वीं ब्रिगेड के घायल पैदल सैनिक को मोर्चे की उस चौकी से निकाला, जहां जमीनी वाहन नहीं पहुंच सकते थे।

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