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केन्या के पंथ नेता पॉल मैकेंज़ी 190 बच्चों और एक वयस्क की हत्या के दोषी

मोम्बासा की एक अदालत ने शाकाहोला जंगल की मौतों पर मैकेंज़ी और करीब 30 सह आरोपियों को हत्या के 191 मामलों में दोषी ठहराया। सज़ा 6 नवंबर को सुनाई जाएगी।

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केन्या के पंथ नेता पॉल मैकेंज़ी 190 बच्चों और एक वयस्क की हत्या के दोषी

मुख्य बिंदु

  • मोम्बासा, केन्या। केन्या की एक अदालत ने सोमवार को भुखमरी पंथ के नेता पॉल मैकेंज़ी को शाकाहोला जंगल में 190 बच्चों और एक वयस्क की मौत पर हत्या का दोषी पाया, रॉयटर्स ने बताया। मैकेंज़ी को करीब 30…
  • मोम्बासा उच्च न्यायालय की न्यायाधीश डायना कावेद्ज़ा मोचाचे ने सुबह 9:30 बजे फैसला पढ़ना शुरू किया और शाम 6:29 बजे तक जारी रखा, द ईस्टली वॉयस ने बताया। अदालत ने कहा कि अभियोजन ने अपना मामला हर उचित…
  • न्यायाधीश ने पाया कि मैकेंज़ी ने अपने अनुयायियों को खुद को और अपने बच्चों को भूखा रखकर मरने का निर्देश दिया था, और उसके कुछ सह आरोपियों ने उसके आदेश लागू किए, द ईस्टली वॉयस ने बताया। अदालत ने सुना…

मोम्बासा, केन्या। केन्या की एक अदालत ने सोमवार को भुखमरी पंथ के नेता पॉल मैकेंज़ी को शाकाहोला जंगल में 190 बच्चों और एक वयस्क की मौत पर हत्या का दोषी पाया, रॉयटर्स ने बताया। मैकेंज़ी को करीब 30 अन्य संदिग्धों के साथ हत्या के 191 मामलों में दोषी ठहराया गया। यह हाल के इतिहास की पंथ से जुड़ी सबसे भयानक घटनाओं में से एक है।

मोम्बासा उच्च न्यायालय की न्यायाधीश डायना कावेद्ज़ा मोचाचे ने सुबह 9:30 बजे फैसला पढ़ना शुरू किया और शाम 6:29 बजे तक जारी रखा, द ईस्टली वॉयस ने बताया। अदालत ने कहा कि अभियोजन ने अपना मामला हर उचित संदेह से परे साबित किया। अदालत ने बचाव पक्ष की यह दलील खारिज कर दी कि पीड़ितों ने अपनी मर्ज़ी से उपवास करके जान दी।

अदालत ने क्या पाया

न्यायाधीश ने पाया कि मैकेंज़ी ने अपने अनुयायियों को खुद को और अपने बच्चों को भूखा रखकर मरने का निर्देश दिया था, और उसके कुछ सह आरोपियों ने उसके आदेश लागू किए, द ईस्टली वॉयस ने बताया। अदालत ने सुना कि पीड़ितों की मौत भुखमरी और अन्य कारणों से हुई, जिनमें दम घुटना, हाथ से गला घोंटना और सांस रोकना शामिल हैं।

कुछ मामलों में बच्चों को अलग रखा गया और उनके माता पिता के सामने उन्हें खाना नहीं दिया गया, न्यायाधीश मोचाचे ने सुनवाई के दौरान कहा, रॉयटर्स ने बताया। अदालत ने यह भी पाया कि बच्चों समेत पीड़ितों को नियंत्रण की एक संगठित व्यवस्था में शारीरिक और मानसिक यातना दी गई।

मैकेंज़ी अदालत में धारीदार पोलो शर्ट और लाल पैंट पहने मौजूद था और अपनी पत्नी के पास बैठा था, जो सह आरोपियों में से एक है, रॉयटर्स ने बताया। जब उसका नाम पढ़ा गया, तो वह चुपचाप खड़ा हो गया और शून्य में देखता रहा।

मरने वालों के कुछ परिजन फैसला सुनने के लिए मोम्बासा उच्च न्यायालय में जुटे। 62 साल के फ्रांसिस वांजे ने पंथ में अपने दो पोते पोतियों समेत परिवार के आठ सदस्य खोए। फैसले से पहले उन्होंने रॉयटर्स से कहा कि यह उनके परिवार के लिए बहुत भारी रहा है, इससे गंभीर मानसिक समस्याएं हुई हैं, और वह इस दिन की उम्मीद कर रहे थे।

मामला कैसे शुरू हुआ

पुलिस को सूचना मिलने के बाद मैकेंज़ी को 2023 में गिरफ्तार किया गया। कुछ हफ्तों बाद अधिकारियों ने दक्षिण पूर्वी केन्या के तट के पास, मालिंदी शहर के नज़दीक शाकाहोला जंगल में उथली कब्रों में शव निकालने शुरू किए।

कुल मिलाकर जंगल से 400 से ज़्यादा शव बरामद हुए हैं। कई शव बुरी तरह सड़ चुके थे और केवल 26 शवों की पहचान हो सकी। सोमवार का फैसला 191 मौतों पर था, जबकि अन्य मौतों की जांच जारी है, रॉयटर्स ने बताया।

चर्च और उपवास

पूर्व टैक्सी ड्राइवर मैकेंज़ी ने 2003 में गुड न्यूज़ इंटरनेशनल चर्च की स्थापना की। अभियोजकों का कहना है कि वह और चर्च एक ईसाई प्रलयवादी पंथ चलाते थे, जिसमें अनुयायियों को आदेश दिया जाता था कि दुनिया खत्म होने से पहले स्वर्ग जाने के लिए खुद को और अपने बच्चों को भूखा रखकर मार दें। मैकेंज़ी ने हत्या के आरोपों से इनकार किया और कहा कि उसने पीड़ितों को भूखा रहने पर मजबूर नहीं किया। अदालत ने यह दलील खारिज कर दी।

पंथ की गतिविधियों की सीधी जानकारी रखने वाले लोगों ने रॉयटर्स को बताया कि मैकेंज़ी ने सामूहिक भुखमरी की योजना तीन चरणों में बनाई थी: पहले बच्चे, फिर महिलाएं और युवा पुरुष, और आखिर में बचे हुए पुरुष। अनुयायियों ने रॉयटर्स को बताया कि उसने सदस्यों को अपने बच्चों को स्कूल भेजने और बीमार होने पर अस्पताल जाने से मना किया था और ऐसी संस्थाओं को शैतानी कहा था।

अधिकारियों पर सवाल

इस मामले ने सवाल खड़े किए कि मैकेंज़ी इतने लंबे समय तक कैसे काम करता रहा। वह 2017 से अधिकारियों की नज़र में था, जब पुलिस ने उसके परिसर की तलाशी ली। पुलिस के अनुसार 2019 में अधिकारियों ने उसका चर्च बंद कर दिया और वह शाकाहोला जंगल चला गया।

राष्ट्रपति विलियम रूटो ने 2023 में कहा था कि सरकारी एजेंसियों को इन मौतों को रोक पाना चाहिए था, और उन्होंने राष्ट्रपति के रूप में ज़िम्मेदारी ली। केन्या राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने 2024 की एक रिपोर्ट में कहा कि यह निंदनीय है कि मैकेंज़ी को पहली बार 2017 में गिरफ्तार करके कट्टरपंथ का आरोप लगाया गया, फिर भी वह वर्षों तक काम करता रहा।

आगे क्या होगा

मैकेंज़ी और उसके सह आरोपियों को 6 नवंबर को सज़ा सुनाई जाएगी, रॉयटर्स ने बताया। जंगल की मौतों पर उस पर आतंकवाद से जुड़े आरोपों समेत अन्य आरोप भी हैं, जिनसे उसने इनकार किया है। अभियोजकों का कहना है कि हिरासत में रहते हुए उसने शाकाहोला से करीब 30 किलोमीटर दूर क्वा बिनज़ारो गांव में 52 लोगों की मौत का भी निर्देश दिया। उस मामले में मैकेंज़ी ने खुद को निर्दोष बताया है।

स्रोत

रॉयटर्स ने सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को मोम्बासा से दोषी फैसले, सज़ा की तारीख और अदालत के दृश्य की जानकारी दी। सीएनएन ने 191 मौतों पर मैकेंज़ी और 29 अन्य संदिग्धों की दोषसिद्धि की जानकारी दी। द ईस्टली वॉयस ने न्यायाधीश के निष्कर्षों और फैसला पढ़ने की अवधि की जानकारी दी।

टाइमलाइन

  1. 2003पूर्व टैक्सी ड्राइवर पॉल मैकेंज़ी ने गुड न्यूज़ इंटरनेशनल चर्च की स्थापना की।
  2. 2017पुलिस ने मैकेंज़ी के परिसर की तलाशी ली। उसे गिरफ्तार करके कट्टरपंथ का आरोप लगाया गया, फिर भी वह वर्षों तक काम करता रहा, केन्या राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने बाद में बताया।
  3. Apr 2023एक सूचना के बाद पुलिस ने शाकाहोला जंगल में उथली कब्रों में शव निकालने शुरू किए, और मैकेंज़ी फिर गिरफ्तार हुआ।
  4. Oct 19, 2026मोम्बासा उच्च न्यायालय ने मैकेंज़ी और करीब 30 सह आरोपियों को 190 बच्चों और एक वयस्क की हत्या का दोषी पाया।
  5. Nov 6, 2026मैकेंज़ी और उसके सह आरोपियों को सज़ा सुनाई जानी है।

स्रोत