पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख अब्दुल वहीद काकर का 89 वर्ष की आयु में निधन
जनरल अब्दुल वहीद काकर, जिन्होंने 1993 से 1996 तक पाकिस्तान सेना का नेतृत्व किया और 1993 के संवैधानिक संकट को खत्म करने में मदद की, का सोमवार को रावलपिंडी में निधन हो गया। सेना, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने श्रद्धांजलि दी।
मुख्य बिंदु
- पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख जनरल अब्दुल वहीद काकर का सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को रावलपिंडी में 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। जियो न्यूज़ ने पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर सर्विसेज पब्लिक…
- पाकिस्तानी मीडिया द्वारा रिपोर्ट किए गए इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस के बयान के अनुसार, सेना प्रमुख और रक्षा बलों के प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद असीम मुनीर तथा पाकिस्तान सेना के सभी रैंकों ने उनके…
- राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने पूर्व सेना प्रमुख के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया, यह जानकारी राष्ट्रपति भवन की मीडिया शाखा ने दी। उन्होंने शोकाकुल परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की।…
पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख जनरल अब्दुल वहीद काकर का सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को रावलपिंडी में 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। जियो न्यूज़ ने पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस का हवाला देते हुए सोमवार को उनके निधन की खबर दी। काकर ने 12 जनवरी 1993 से 12 जनवरी 1996 तक सेना का नेतृत्व किया, और उनके कार्यकाल में देश के सबसे गंभीर संवैधानिक संकटों में से एक आया।
सेना और सरकार की श्रद्धांजलि
पाकिस्तानी मीडिया द्वारा रिपोर्ट किए गए इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस के बयान के अनुसार, सेना प्रमुख और रक्षा बलों के प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद असीम मुनीर तथा पाकिस्तान सेना के सभी रैंकों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। बयान में उनकी विशिष्ट सैन्य सेवाओं, नेतृत्व और सेना के प्रति अमूल्य योगदान को श्रद्धांजलि दी गई और कहा गया कि सेना दुख की इस घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ खड़ी है।
राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने पूर्व सेना प्रमुख के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया, यह जानकारी राष्ट्रपति भवन की मीडिया शाखा ने दी। उन्होंने शोकाकुल परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री मुहम्मद शहबाज़ शरीफ़ ने भी गहरा दुख व्यक्त किया, दिवंगत जनरल की पाकिस्तान सेना के प्रति अमूल्य सेवाओं को श्रद्धांजलि दी और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
संवैधानिक संकट खत्म करने वाले जनरल
काकर को उनके पूर्ववर्ती जनरल आसिफ नवाज़ की अचानक मृत्यु के बाद 12 जनवरी 1993 को सेना प्रमुख नियुक्त किया गया। उनकी नियुक्ति कई वरिष्ठ जनरलों को पीछे छोड़कर हुई। उनके कार्यकाल के कुछ ही महीनों में राष्ट्रपति गुलाम इसहाक खान और प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के बीच सत्ता संघर्ष ने सरकार को ठप कर दिया। काकर ने 1993 में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों के इस्तीफ़े कराकर संकट के समाधान में निर्णायक भूमिका निभाई। उस कदम से राष्ट्रीय आम चुनाव का रास्ता साफ हुआ, जिससे बेनज़ीर भुट्टो के नेतृत्व वाली पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी सत्ता में लौट आई।
अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने पाकिस्तान परमाणु ऊर्जा आयोग के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित शाहीन मिसाइल परियोजना के लिए सरकारी धन सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सितंबर 1995 में, सैन्य खुफिया और सैन्य पुलिस ने मेजर जनरल ज़हीरुल इस्लाम अब्बासी के नेतृत्व वाले और एक आतंकवादी समूह से जुड़े सेना अधिकारियों के समूह की उस साज़िश को विफल कर दिया, जिसमें काकर और भुट्टो की हत्या करके सत्ता पर कब्ज़ा करने की योजना थी। शामिल लोगों को गिरफ्तार किया गया।
दो युद्धों का करियर
काकर का जन्म 23 मार्च 1937 को तत्कालीन ब्रिटिश भारत के पेशावर में हुआ था। उनके चाचा सरदार अब्दुर रब निश्तर पाकिस्तान के संस्थापक व्यक्तित्वों में से एक थे। काकर 1956 में पाकिस्तान सेना में शामिल हुए और 1959 में फ्रंटियर फोर्स रेजिमेंट में कमीशन प्राप्त किया। उन्होंने 1965 के भारत के साथ युद्ध में चविंडा में सेवा दी, और 1971 के युद्ध में उन्होंने सुलेमानकी सेक्टर में एक स्वतंत्र पैदल ब्रिगेड के ब्रिगेड मेजर के रूप में सेवा दी।
उन्होंने 1996 में सेवा विस्तार से इनकार किया और 12 जनवरी 1996 को सेवानिवृत्त हो गए। सेवानिवृत्ति के बाद वे काफी हद तक सार्वजनिक जीवन से दूर रहे और रावलपिंडी में शांत जीवन बिताया, जहाँ उनका निधन हुआ।
स्रोत
- Geo News via Scoop: https://scoopfeeds.com/article/5ffd38c0-1c23-5886-a1da-5267d1a55d52
- Pakhtun Digital: https://pakhtundigital.com/former-coas-general-retd-abdul-waheed-kakar-passes-away/
- Deaths in 2026, Wikipedia: https://en.wikipedia.org/wiki/Deaths_in_2026
टाइमलाइन
- Mar 23, 1937अब्दुल वहीद काकर का जन्म तत्कालीन ब्रिटिश भारत के पेशावर में होता है। उनके चाचा सरदार अब्दुर रब निश्तर पाकिस्तान के संस्थापक व्यक्तित्वों में से एक थे।
- 1959काकर 1956 में पाकिस्तान सेना में शामिल होने के बाद फ्रंटियर फोर्स रेजिमेंट में कमीशन प्राप्त करते हैं।
- Jan 12, 1993जनरल आसिफ नवाज़ की अचानक मृत्यु के बाद काकर सेना प्रमुख बनते हैं।
- 1993काकर राष्ट्रपति गुलाम इसहाक खान और प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के इस्तीफ़े कराकर संवैधानिक संकट खत्म करते हैं और आम चुनाव का रास्ता साफ करते हैं।
- Jan 12, 1996काकर सेवा विस्तार से इनकार करने के बाद सेवानिवृत्त होते हैं और बाद में रावलपिंडी में शांत जीवन बिताते हैं।
- Oct 26, 2026काकर का रावलपिंडी में 89 वर्ष की आयु में निधन हो जाता है। सेना, राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ श्रद्धांजलि देते हैं।