जोगेन चौधरी, क्रॉस हैचिंग के लिए जाने जाने वाले भारतीय चित्रकार, कोलकाता में 87 वर्ष में निधन
जोगेन चौधरी का रविवार, 25 अक्टूबर, 2026 को कोलकाता के रूबी जनरल अस्पताल में 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया। अस्पताल ने कहा कि वे 14 महीनों से रक्त कैंसर के एक दुर्लभ रूप के साथ जी रहे थे और गंभीर सेप्सिस के कारण बहुअंग विफलता हो गई।
मुख्य बिंदु
- समकालीन भारतीय कला की सबसे महत्वपूर्ण हस्तियों में से एक जोगेन चौधरी का रविवार, 25 अक्टूबर, 2026 को कोलकाता में 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनका निधन सुबह 10:15 बजे कोलकाता के रूबी जनरल…
- रूबी जनरल अस्पताल के बयान में कहा गया कि चौधरी पिछले 14 महीनों से मायलोप्रोलिफेरेटिव नियोप्लाज्म, रक्त कैंसर के एक दुर्लभ रूप, से पीड़ित थे और कीमोथेरेपी ले रहे थे। बयान में कहा गया कि अपनी बीमारी…
- Ei Samay ने बताया कि डॉ.
समकालीन भारतीय कला की सबसे महत्वपूर्ण हस्तियों में से एक जोगेन चौधरी का रविवार, 25 अक्टूबर, 2026 को कोलकाता में 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनका निधन सुबह 10:15 बजे कोलकाता के रूबी जनरल अस्पताल में हुआ। Voice of Kolkata ने रूबी जनरल अस्पताल द्वारा जारी बयान का हवाला देते हुए समय और अस्पताल की जानकारी दी, और Indulge Express ने भी बताया कि उनका निधन सुबह 10:15 बजे कोलकाता के एक निजी अस्पताल में हुआ। The Indian Express ने 25 अक्टूबर को अपने समाचार फीड में उनके निधन की खबर दी, और Ei Samay ने भी स्वतंत्र रूप से निधन की खबर दी।
अस्पताल का बयान
रूबी जनरल अस्पताल के बयान में कहा गया कि चौधरी पिछले 14 महीनों से मायलोप्रोलिफेरेटिव नियोप्लाज्म, रक्त कैंसर के एक दुर्लभ रूप, से पीड़ित थे और कीमोथेरेपी ले रहे थे। बयान में कहा गया कि अपनी बीमारी के दौरान वे मूत्र मार्ग के संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती हुए, उनकी हालत बिगड़ी, और गंभीर सेप्सिस के कारण बहुअंग विफलता हो गई। गहन चिकित्सा देखभाल के बावजूद उनका निधन हो गया। अस्पताल ने कहा कि उन्हें अन्य सहवर्ती चिकित्सा स्थितियां भी थीं, जिन्होंने उनकी चिकित्सा स्थिति को जटिल बना दिया।
Ei Samay ने बताया कि डॉ. तूफानकांति डोलाई की देखरेख में उनकी नौ कीमोथेरेपी हुईं, और उन्हें कोलकाता के बाईपास पर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कर वेंटिलेटर सहायता पर रखा गया। Indulge Express ने बताया कि वे कुछ समय से कैंसर से जूझ रहे थे, दुर्गा पूजा के आसपास संक्रमण होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा, और निधन से एक दिन पहले उन्हें लाइफ सपोर्ट पर रखा गया। उनकी पत्नी जीवित हैं।
रेखा से बना अंदाज़
चौधरी अपनी विशिष्ट आकृतिमूलक शैली और क्रॉस हैचिंग तकनीक के लिए जाने जाते थे। उनकी सबसे प्रसिद्ध पेंटिंग स्याही, जलरंग और पेस्टल में हैं, हालांकि उन्होंने तेल रंग में भी काम किया, और पेरिस से लौटने के बाद उन्होंने अपनी व्यक्तिगत शैली विकसित की। Indulge Express द्वारा उद्धृत कला इतिहासकार आर. शिव कुमार ने कहा कि जोगेन चौधरी की कला की धड़कन और लय प्रकृति और परिवेश से आत्मीय लगाव से आती है, और उनकी हाल की कृतियों में कपड़े, तकियों, सोफों और मानव शरीर के संवेदी अनुभव आपस में मिलकर एक विचित्र संसार बनाते हैं।
फरीदपुर से पेरिस तक
चौधरी का जन्म 1939 में दहारपाड़ा गांव, फरीदपुर में हुआ था, जो अब बांग्लादेश में है। वे प्रमथ नाथ चौधरी के पुत्र थे। उनके पिता ग्रामीण रंगमंच के दृश्य चित्रित करते थे और देवताओं की मूर्तियां बनाते थे, और उनकी मां अल्पोना विशेषज्ञ थीं। उन्होंने 1955 से 1960 तक कोलकाता के गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ आर्ट एंड क्राफ्ट में अध्ययन किया। इसके बाद उन्होंने दो साल हावड़ा जिला स्कूल में कला शिक्षक के रूप में काम किया, और फिर कलकत्ता के हैंडलूम बोर्ड में डिज़ाइनर नियुक्त हुए। 1965 में वे पेरिस गए और इकोल दे बोज़ आर्ट्स में विलियम हेटर के एटेलियर 17 में अध्ययन किया, और अध्ययन के बाद लगभग पांच महीने लंदन में रहे।
कला और सार्वजनिक जीवन
चौधरी ने संसद में भी सेवा की। वे ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस से पश्चिम बंगाल के लिए 3 अप्रैल, 2014 से 2 अप्रैल, 2020 तक राज्यसभा में सांसद रहे। उनके करियर ने दशकों तक स्टूडियो और सार्वजनिक जीवन को जोड़ा, और स्याही, जलरंग और पेस्टल में उनके काम ने उनकी आकृतिमूलक शैली और क्रॉस हैचिंग को समकालीन भारतीय कला भर में परिचित बनाया। उनका निधन उसी शहर में हुआ जहां उन्होंने 1955 से 1960 तक अध्ययन किया था, और जहां 2012 में एकेडमी ऑफ फाइन आर्ट्स में उनकी तस्वीर ली गई थी।
स्रोत
Indulge Express, Voice of Kolkata, Ei Samay, Wikipedia: Jogen Chowdhury
टाइमलाइन
- 1939जोगेन चौधरी का जन्म अब बांग्लादेश में पड़ने वाले फरीदपुर के दहारपाड़ा गांव में होता है।
- 1955चौधरी कोलकाता के गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ आर्ट एंड क्राफ्ट में अध्ययन शुरू करते हैं, जहां वे 1960 तक पढ़ते हैं।
- 1965चौधरी पेरिस जाकर इकोल दे बोज़ आर्ट्स में विलियम हेटर के एटेलियर 17 में अध्ययन करते हैं।
- Apr 3, 2014चौधरी पश्चिम बंगाल के लिए राज्यसभा सांसद के रूप में अपना कार्यकाल शुरू करते हैं, 2 अप्रैल, 2020 तक सेवा करते हैं।
- Oct 25, 2026चौधरी का कोलकाता के रूबी जनरल अस्पताल में 87 वर्ष की आयु में निधन होता है।